रंगभेद के खिलाफ जंग में अब इंग्लिश प्रीमियर लीग के खिलाड़ी भी शामिल होंगे। अश्वेतों के समर्थन में फुटबॉलर अपने नाम की जगह 'ब्लैक लाइव्स मैटर' लिखी जर्सी पहनकर खेलने उतरेंगे। लीग के शुरुआती 12 मैचों के दौरान खिलाड़ी ऐसी जर्सी पहनेंगे। कोरोनावायरस की वजह से ईपीएल को मार्च में ही रोकना पड़ा था। करीब 100 दिन बाद
बुधवार से दोबारा लीग शुरू होगी।
खिलाड़ियों ने एक बयान जारी कर बताया, ‘‘हम सभी खिलाड़ी रंगभेद को खत्म करने के उद्देश्य से एकजुट हैं। हमारी कोशिश है कि वैश्विक समाज में किसी के साथ भी रंग, नस्ल के आधार पर कोई भेदभाव न हो और सबको सम्मान के साथ बराबरी के मौके मिलें।’’
विरोध जताने वाले खिलाड़ियों का समर्थन करेंगे: ईपीएल
यह प्रतीक (#blacklivesmatter #playerstogether) सभी खिलाड़ियों, सभी कर्मचारियों, सभी क्लबों, सभी मैच अधिकारियों और प्रीमियर लीग में एकता दिखाता है।प्रीमियर लीग ने भी कहा है कि वह उन खिलाड़ियों का समर्थन करेगी जोघुटने के बल बैठकर विरोध जताएंगे।अमेरिका की नेशनल फुटबॉल लीग के खिलाड़ी कोलिन कैपरनिक ने नस्लभेद के खिलाफ विरोध जताने के लिए ऐसा करने की शुरुआत की थी।
'लीग में रंगभेद की कोई जगह नहीं'
ईपीएल ने साफ कर दिया कि वह रंगभेद के खिलाफ लड़ाई में इंग्लिश फुटबॉल लीग, प्रोफेशनल फुटबॉलर्स एसोसिएशन, लीग मैनेजर्स एसोसिएशन, प्रोफेशनल गेम मैच ऑफिशियल्स के साथ खड़ी है। लीग में किसी तरह के रंगभेद की कोई जगह नहीं है।
आर्सनल के खिलाड़ियों ने भी विरोध जताया
अलग-अलग एथलीट्स भी इसके खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। इंग्लिश फुटबॉल क्लब आर्सनल के खिलाड़ियों ने भी ब्रेंटफोर्ड के खिलाफ फ्रेंडली मैच से पहले 'ब्लैक लाइव्स मैटर' लिखी जर्सी पहनी। इसके अलावा कई क्लब के खिलाड़ी ट्रेनिंग के दौरान घुटने के बल बैठकर अपना विरोध जता रहे हैं।
फ्लॉयड की पुलिस कस्टडी में गर्दन दबाने से मौत हुई थी
अमेरिका के मिनेसोटा राज्य की मिनेपोलिस शहर की पुलिस ने 25 मई को अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड को धोखाधड़ी के आरोप में पकड़ा था। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हथकड़ी पहनाई और जमीन पर उल्टा लिटाकर उसकी गर्दन को घुटने से करीब 9 मिनट तक दबाए रखा। इससे जॉर्ज की सांसें रुक गईं और मौत हो गई। इसके बाद 40 से भी
अधिक शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए।
फ्लॉयड को ह्यूस्टन में दफनाया गया था
बीते मंगलवार को ह्यूस्टन में फ्लॉयड को दफनाया गया। इस दौरान 8 मिनट और
46 सेकंड का मौन धारण किया गया, क्योंकि इतनी ही देर पुलिस ने घुटने से फ्लॉयड की गर्दन दबाए रखी थी। दम घुटने से उसकी मौत हो गई थी।
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