पपीहा पार्क में ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू, पानी को फिल्टर कर करेंगे रियूज - NEWS E HUB

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Sunday, 23 August 2020

पपीहा पार्क में ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू, पानी को फिल्टर कर करेंगे रियूज















Treatment plant starts in Papiha Park, Reuse will filter water

शहर के सीवरेज के पानी की समस्या के समाधान को लेकर मॉडल टाउन स्थित पपीहा पार्क में चल रहे ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का तेजी से चल रहा है। शनिवार को प्लांट को लेकर सीवरेज लाइन की खुदाई काम किया गया। जिससे मॉडल टाउन का रास्ता बंद रहा। बता दें कि डीसी नरहरि सिंह ने 11 अगस्त को इस प्लांट के काम का शुभारंभ किया था। यह प्लांट जापानी कम्पनी द्वारा लगाया जा रहा है।

फतेहाबाद शहर में घरेलू पानी को ट्रीटमेंट करने के लिए नई तकनीक पर आधारित ट्रीटमेंट प्लांट पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरूआत की गई है। जापानी कंपनी डाईकी एक्सिस इंडिया द्वारा यह घरेलू पानी ट्रीटमेंट प्लांट स्थानीय राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पपीहा पार्क समेत आदि अन्य स्थानों पर निशुल्क लगाया जाएगा। इस पायलट प्रोजेक्ट के बाद स्थिति अनुसार इसको विस्तार दिया जाएगा। इस ट्रीटमेंट प्लांट के पानी को ट्रीट करके इसका रि-यूज किया जाएगा।

पानी को बागवानी और गार्डन में इस्तेमाल किया जाएगा। ये ट्रीटमेंट प्लांट छोटे होते हैं, जो घरेलू पानी के जल को ट्रीट करते हैं। इनमें जगह की बचत भी होती है। जिला ने इस कंपनी के साथ मिलकर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह प्लांट लगाया जा रहा है। विभिन्न संस्थानों ने इस प्रकार के ट्रीटमेंट प्लांट लगाए गए है और जिसके बेहतर परिणाम भी आ रहे हैं। इस प्लांट में एनजीटी के सभी दिशा निर्देशों की पालना की जाएगी और हरियाणा सरकार की रि-यूज पॉलिसी को भी ध्यान में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद आवश्यकतानुसार गांवों व शहरों में ये प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे।

दिल्ली में चल रहे हैं ऐसे प्लांट

अब तक हरियाणा में इस कंपनी की ओर से प्लांट नहीं लगाया गया है। फतेहाबाद में पहली बार इस सर्वे होगा। दिल्ली में कुछ जगहों पर इस तरह के प्लांट लगाए गए हैं। कंपनी के दौरे के बाद फतेहाबाद के अधिकारी दिल्ली जाकर इन ट्रीटमेंट प्लांट का दौरा करके पूरी जानकारी लेंगे।

30- 35 साल पुरानी है शहर में पाइप लाइन

फतेहाबाद शहर की सीवरेज लाइन 30 से 35 साल पुरानी है। हर सड़क पर इसका लेवल अलग है। जिसकी वजह से यहां पर सीवरेज पानी की निकासी की समस्या बनी रहती है। शहर की समस्या को जापान की टेक्नोलॉजी से काफी हद तक हल किया जा सकता है।



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